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भारत – विश्व की सबसे बड़ी लोकशाही का सबसे बड़ा मजाक.

भारत महात्मा गांधी और सरदार पटेल का देश. भारत कल्पना चावला और अब्दुल कलाम का देश.भारत महाराणा प्रताप और शिवाजी का देश. भारत लक्ष्मीबाई और मधर टेरेसा का देश. भारत १२१ करोड भारतीयों का देश.

लेकिन आज देश में कैसे लोग रेहते है और आज ये देश कैसे लोग चला रहे है ये भी जानना इतना ही जरुरी है..

आज इस देश में चोर तो लोगो को लुटते है पर साथ मैं उनके गुनाह की जाँच करने वाली पुलिस और सजा सुनाने वाले जज भी भ्रष्टाचार करते है. बात यहाँ तक भी सिमित नहीं है क्युकी यहाँ पे तो खुद कानून बनानेवाले भी लोगो को लुटाने में पड़े है.

सरकार के कई मंत्री भ्रष्टाचार की वजह से जेल में पड़े है.

जो मंत्री बहार है वो भी दूध के धुले नहीं है. कई मंत्री ऐसे है जो गुनहगार है फिर भी अभी तक सरकार में है. यहाँ पे सरकार के कुछ ऐसे मंत्रियोकी माहिती दी गई है जिसे पढ़ने के बाद शायद आपका भी खून गरम हो उठे.

शरद पवार : एनसीपी के इस नेता को जब से कृषिमंत्री बनाया गया है तब से महगाई में हमेशा बढ़ोतरी हुई है. महाराष्ट्र के “ चीनी ” उत्प्दाको से मिलकर उन्होंने ऐसी निति बने की अचानक चीनी की कीमतों में जोरदार उछाल आया. “ वायदा बाजार ” को मंजूरी देके उन्होंने काले बाजार को प्रोत्साहन दिया. जब चीनी के भाव कम हुए तो अन्य अनाज और सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई. सरकार हमेशा महगाई को कम करने की बाते करती रही पर कभी पवार साहब को हटाने की बात नहीं की, क्योकि पीएम और सुपर पीएम को लोगो की नहीं सरकार बचाने की पड़ी थी.

खाध्य चीजों में बढी कीमतों का फायदा किसानों को कभी नहीं हुआ पर सिर्फ पवार के साथ मिलकर कालाबाजारियों को ही फायदा हुआ.

क्रिकेट का “क” भी नहीं जानने वाले शरद पवार बीसीसीआई के प्रमुख बन गए और बाद में आईसीसी के भी प्रमुख बन गए. क्रिकेट के पोलिटिक्स में पवार के जाने की एकमात्र वजह बीसीसीआई की समृध्धि ही थी.

कपिल सिब्बल : कोंग्रेस जब भी मुश्किल में होती है तब उसकी मदद करने वाले सिब्बल पर रिलायन्स को ६५० करोर का फायदा पहुचने का आरोप है. ये वोही सिब्बल है जिन्हों ने टेलिकॉम क्षेत्र में किसीभी भ्रष्टाचार को होने से इंकार किया था जिसके लिए दयानिधि मारन, ऐ.राजा और कनिमोजी अभी जेल में है. अन्ना हजारे के साथ धोखा करने में भी इनका ही दिमाग लगा था.

दिग्विजयसिंह : कोंग्रेस के ये महा सचिव हमेशा अपनी बयानबाजी से चर्चा में रहते है. उनके हर बयान के बाद कोंग्रेस उनके बयान से किनारा कर लेती है पर कभी उनको पार्टी में से निकालती नहीं, क्योकि खुद कोंगेस भले ही उनके बयानों से किनारा कर पर अंदर से तो वो यही चाहते है की वो ऐसे ही निवेदन करते रहे. इस भाईसाब को भारत में कही भी ब्लास्ट हो तो उसमे हिंदू संगठनो का ही हाथ दीखता है. भोपाल गेस दुर्गटना के आरोपी एंडरसन को विदाय देने में भी ये सामिल थे.

कसाब के पकडे जाने के बावजूद भी इनको २६/११ के मुंबई हमले में हिंदू संगठनो का हाथ दीखता है.

इसके अलावा कोंग्रेस में पड़े “जगदीश टाइटलर” शिख विरोधी तुफानो के आरोपी थे जिनको कोंग्रेस ने अपना पावर इस्तेमाल करके निर्दोष साबित कर दिया है. लोकपाल में प्रधानमंत्री को नहीं शामिल करना चाहती कोंग्रेस पर उनके ही प्रधानमंत्री रह चुके राजीव गांधी पर बोफोर्स कांड में कटकी का आरोप है. कोंग्रेस का ही साथी पक्ष डीमके पूरा भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है.

कोंग्रेस के ही शिवराज पाटिल कसाब के खबर अंतर पूछने जेल गए थे. संसदभवन पे हमले के आरोपी अफज़ल को भी कोंग्रेस ही फांसी नहीं दे रही.

इतना सब कुछ होने के बावजूद हम और भी ऐसे लोगो को चुनते है, क्यूंकि हमें विश्वास है की इनसे अच्छा हमें कोई नहीं लूट सकता. हम भले सुपर पावर न बने, हमारा देश भले सुपर पावर न बने. पर हम जिसे चुनते हो वो जरुर सुपर पावर बनने चाहिए. देश भले गरीब रहे पर उसके मंत्री दुनिया में सबसे ज्यादा पैसे वाले होने चाहिये.

हम भले भूख से मरे हमारे साहब का कुत्ता नहीं मरना चाहिए.

और अंत में सिर्फ एक ही बात “पहले मोगल फिर अंग्रेज और अब “लोकसेवकों”. इस देश पे हमेशा शासन वही करता है जो इस देश को लुटता हो, नहीं की वो जो ईमानदारी से जीता है.”

Author – Tejash Patel.