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Finally life lost…! Damini passes away, a nation shocked. But what is the prize for her death? People protests, Politician make statements and give promises, everybody express mourning. People demands death punishment to criminals.

But what actually happened? We are steel at there. We are steel not able to give punishment to culprits. Even there is no steps taken to change in law to strict the punishment. Instead politicians makes irresponsible statements. Still we are not able to protect our mothers/sisters/daughters. Questions come in mind that when we really accepts women as goddess?

I think we should make punishments like in Muslim countries for crime against woman. As per my thinking only punishment of death is not enough. Death must be pain full. what is your thinking..?

— A message from TEJASH PATEL.

 

किसीकी जिन्दगीकी क्या होगी कीमत?

protest at delhi

proests-in-delhi

दिल्ली आजकल एक लड़की पे हुए बलात्कार के मामलेमे खुब चर्चा में है. और क्यों नहीं होगी? ऐसे हेवानियत भरे कुकर्म को सुनकर कौन्चुप रह सकता है?

दिल्हीके मुख्यमंत्री शिला दिक्सित खुद एक औरत है. देश और दिल्ही के शासक पक्ष कोंग्रेस की प्रमुख सोनिया गाँधी एक महिला है जो की दिल्ही में रहती है. लोक्सभामे विरोध पक्ष की प्रमुख सुषमा स्वराज भी औरत. फिर भी दिल्ही बन गई बलात्कारियोकी नगरी.

पिछले केवल एक ही साल में ९६५ (965) बलात्कार के मामले दर्ज हुए है. ये सिर्फ रजिस्टर्ड मामले है, इसके आलावा ऐसे कई मामले होगे जिसमे लडकिया बदनामी या फिर डर, धमकी जैसी कई वजहों से पुलिस फरियाद नहीं दर्ज कराती. पुरे भारतमें शायद इतने बलात्कार कही पे नहीं होते. फिर क्यों दिल्ही जो देशकी राजधानी है वो ही बनी बलातकारीओ की राजधानी?

असल में दिल्ही भारतकी राजधानी होने की वजह से पुरे देशमे से आये पोलितिसियन और अधिकारी यहाँ पे रहते है. उनके पास बहोत ज्यादा बेनामी सम्पति होती है. उनके बच्चे भी यहाँ पले बढे होते है. अपने बापकी बेनामी कमाई को वो उड़ाते रहते है और फिर वो धीरे धीरे बेकाबू बनते जाते है. अगर वो कोई गुनाह करते है तो पर उनको रोकने वाला नहीं हॉट. उपरसे परिवार वाले उन्हें कानून से बचने में मदद करते है. यहकी पुलिसभी राजकीय लोगोकी सेवा और सुरक्षा में लगी रहती है और उसी वजह से जनता की मदद नहीं कर सकती और अगर कोई करना चाहे तो भी उसपे पोलिटिकल दबाव डालकर रोक दिया जाता है.

पर इस सब से जनता बहोत गुस्सेमे थी. और इसबार ये गुस्सा फुटकर बहार निकला. पुरे देशमे इस बलात्कार के विरोध में प्रदर्शन हो रहे है. लोग बलत्करिओको फान्सिकी सजा देने की मांग कर रहे है. पर ऐसा पर्व्धन भारितीय कानून में नहीं है. लोग कानून में बलात्कारियोके लिए फांसीकी सजा मांग रहे है.

पर कोई भी पोलितिसियन कानूनमें बदलाव लेन की बात नहीं कर रहा. कुछ लोगो तो फान्सिकी सजाको मानव अधिकारों के  खिलाफ मानते है. पर उस समय वो लोग ये बात नहीं सोचते की वो जिसके मानव अधिकारोकी बात कर रहे है उस ने ही किसीकी जीने के अधिकार को छिना है. किसीकी जिंदगी छिनी है. क्या जो भोग बनता है उसके मानव अधिकारोंका हनन नहीं होता? असल में तो ये मानव अधिकार दिखने वाले लोग अपनी प्रसिद्धि के लिए ही ये सब करते है. पर हमें जरुरत है उनको साइडलाइन करने की. उनकी बाते सुने बिना सख्त कानून बनाने की. बलात्कार जैसे मामलो में हमें आरब देशो जैसी सजा अपनानी चाहिए. तभी इन हेवानोको कुछ असर होगा.

पर यहाँ भारतमे ऐसा नहीं होगा, ये बात वो हेवान जानते है और इसलिए इतने प्रदर्शन के बावजूद इस देश और दिल्हिमे बलात्कार हो रहे है. स्त्रिओके अधिकारोके मामले में हम बहुत पीछे है.

जिस देशमे सीता की पूजा होती है उसी देश में कई सीताऐ  रोती है. जहा द्रोपदी के सन्मान के लिए महाभारत खेला गया था वहा हर रोज कई औरतो मारा जाता है. दहेज़की वजहसे आजभी कितनी औरतो जलाई जाती है.लाखो लडकिया जन्म से पहले से मरी जाती है. आजभी कई लडकिआ दुनिया के उस सबसे पुराने व्यवसाय में धकेली जाती है जहा पे देह के नाम पे लाखो  जिंदगियो का सौदा होता है. और मेरे मत अनुसार ऐसा सिर्फ दो वजह से होता है:

(१) ये समाज पुरुष प्रधान है जिसमे  लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए हेवानो को बचाते है.
(२) खुद औरत इस सब में इर्षा और स्वार्थ की वजह से हेवानो का साथ देती है.

:: तेजश पटेल ::

Jan Akrosh with facts

Delhi police denies food to detained supporters of Anna… but they royally feed Kasab… Shame UPA…

Mr. Rahul Gandhi you had your dinner while India starves..where is your publicity stunt now???

It takes years to hang KASAB,AFZAL

months to arrest KALMADI,A.RAZA;

but minutes to arrest ANNA…
Welcome to democratic INDIA..
 For government Democracy means ~     “A Government of the Congress, by the Congress and for the Congress.. .”

——————————————————-X————————X——————————————————— kasab: I am not an Indian,I hate India,and I kill Indians but I am safe in India ..

Indian citizen: I am an Indian, I love my India,and I want to save Indians but I will be shot any time ..

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Uttar Pradesh me jamin adhigrahan ke mamle me kisano ke sath dikhne vale aur andolan karne vale Rahul gandhi tab ek shabd bhi nahi bole jab hariyana me Rajiv gandhi cheritable trust ko jamin dene ki bat ayi.

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Congress i chair person amerika me apane ilaj ke liye gai. Isase ye bat tay hoti hai ki unhe bharatiy doctors ar bharosa nahi hai ya fir vo jan buj kar janta ke sawalo se bachane ke liye gai hai.

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Man mohansinh abhi bhi ye nivedan kar rahe hai ki desh ko ek majbut lokpal bill ki jarurat hai aur vo majbut lokpal bill ke samrthan me hai aur majbut  lokpal bill layenge, jab ki desh ka har nagrik ye janta hai ki manmohan sinh ki party ne kaisa bill pesh kiya hai…  Iska matlab ye hua ki ya to man mohan sinh janta ko murkh samaj rahe hai ya to fir apni murkhata ka pradarshan kar rahe hai…

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