पंजाब का “केन्सर बेल्ट”

पंजाब, भारतका एक समृद्ध कहा जाने वाला राज्य. कृषि उत्पादन में भारतका अग्रेसर राज्य. पंजाब के किसान भारतके दुसरे राज्योके किसानोके मुकाबले ज्यादा सुखी है.  आम तौर पर ऐसी राय देश के अन्य प्रदेशो के लोग पंजाब के बारे में रखते है. पर हरियाली क्रांति के अलावा एक दूसरी ऐसी चीज है जिसकी शुरुआत यहाँ से हुई है. भारत और दुनियाके बहोत कम लोग इस बारे में जानते है. और वो है,”  केन्सर बेल्ट “.

images1 images2

 

.

                                                                                                                                                                                                                                                 पंजाब का मालवा प्रदेश, पाकिस्तान और भारतकी सरहद पर है. करीब आठ जिल्ले इस प्रदेश में आते है. पर क्यों कहा जाता है उसे ” केन्सर बेल्ट ” या फिर क्यों बना वो  ” केन्सर बेल्ट “?

दरअसल इस प्रदेश के बहोत सारे लोग केन्सर से पीड़ित है. आमतोर पर हमें हर जगह केन्सर के दर्दी मिल जाते है. पर यहाँ पे उनकी संख्या बहोत ही ज्यादा है. यहा के हर घर में आपको केन्सर का दर्दी मिल सकता है. यहाँ के ज्यादातर बच्चे शारीरिक या मानसिक तौर पर विकलांग है. यहाँ के ज्यादातर लोग किसान है. हमें बारबार ये सवाल परेशान कर रहा है की आखिर करोडो लोगोके खाने का अन्न पैदा करने वाले इन लोगो पर कुदरत का ऐसा कहर क्यों?

जब सरकारने यहा की जमीन और पानीकी जाँच कराइ तो जो नतीजे आये वो बहोत ही चौकाने वाले थे. यहाँ के पानिमे रेडियो एक्टिव तत्व पाए गए. साथमे पानी और जमिन में मिले जहरीले पदार्थो की संख्या मानी मापदंड से कही गुना ज्यादा मिली. या मान  लीजिये की उनके पिने का पानी अब जहर बन गया था. जमीन में मिले जहरीले रसायनों की वजहसे जो अन्न यहाँ पैदा होता है वोभी जहरीला ही होता है. और ऐसा पानी और अन्न खाने की वजह से यहाँ के लोग बीमार हो रहे है.

सोचने वाली बात ये है की यहाँ पे इतना सारा जहर आया कहा से? हकिकतमे देशमे जब हरित क्रांति हुई तो किसानो को फसल की पैदावार बढ़ाने के लिए सरकार और  अन्य एजन्सिओने किसनोको रासायनिक खाद और कीटनाशको के इस्तेमाल सलाह दी. पर किसीने किसानोको इसके बारे में सही जानकारी उपलब्ध नहीं कराइ. फलत; किसनोने ने उसका अधिकतम और जरुरत से ज्यादा इस्तेमाल किया. समय के साथ ये जहर यहाँ के पानी और जमीं में मिलता गया.

आज देशकी सरकारे हरित क्रांति के फायदे गिना रही है. लोग दूसरी हरित क्रांति की बात कर रहे है. पर क्या कोई उसके दुष्प्रभाव के बारे में सोचता है? हरित क्रांति का सबसे ज्यादा फायदा जिन किसानोको मिलना चाहिए था वो ही आज नरक जैसी जिन्दगी जीने को मजबूर है.

सरकारने कई गावोमे शुद्ध पानीके लिए प्लांट लगाये है जिससे हर एक आदमीको दिनमे ४ रुपयेमे ५ लीटर पानी पिने के लिए मिल रहा है. पर क्या वो काफी है? वो लोग खाना बनाने में जो पानी इस्तेमाल करेंगे उसका क्या? जो अनाज वो खा रहे है उसका क्या? हकीकत में सरकारको इस बात पे बड़े कदम उठाने की जरुरत है. बात सिर्फ यहाँ की नहीं है. देश के कई हिस्सोमे अब ऐसेही हालत धीरे धीरे बनते जा रहे है. किसानो जागृत करने की जरुरत है. वरना आँखे बंद करके विकास करेंगे तो सफलता की और नहीं पर विनाश की और पहुँच जायेगे.

~:: तेजश पटेल ::~

Related Articles:

http://www.punjabfoundation.org/malwainpunjab.html

http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-12-14/chandigarh/35819417_1_door-cancer-survey-sangrur-barnala

http://news.saanj.net/punjab-news/punjab-in-grip-of-cancer-malwa-tops-the-list/

http://www.downtoearth.org.in/content/punjab-cancer-capital-india

 

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: